O MY GRANDFATHER





Krishn Kapoor Kmg



   O MY LAST SOUL'POWER

                                       Krishn Kapoor Kmg


O my lord inspirational life.

How all passed doing strife.

When thy body reached hospital.

Then thou soul became Immortal.

Yes I hath not weeped on time.

But my heart was burnt like lime.


A.हे प्रभु, जब आप मेरे प्रेरणादायक थे, जब आप मेरा कभी जिंदगी हुआ करते थे,। तब मैं एक असाधारण शक्ति से भरपूर था।

A.वो वाला वक्त सब कैसे संघर्ष करते हुए गुजर गया ।


B.जब आप का पार्थिव शरीर अस्पताल पहुंचा, 

B.तो कुछ ही वक्त में आपकी आत्मा अमरता को प्राप्त कर चुकी थीं।

C. उस वक्त मैंने एक आंसू तक नहीं बहाए । रोया तक नहीं की और भी उस वक्त रोने लगेंगे । 

C.पर मेरा दिल जो पहले प्रेरणाओं से भरा रहता था अब वो इस तरह जल चुका है जैसे चूना जल जाने के बाद पुनः अपने उस अवस्था में नहीं आ सकता, चाहे लाख कोशिश क्यूं न किया जाए सब व्यर्थ है।








                 😭नाना की याद 😭



  1.मैं भाग्यशाली हूं जग में ,जो आपको मैंने पाया।

    है आपको नमन हमारा ,इस लायक मुझे बनाया ।

कोई ना चुका पाएगा,

जो उपकार किया है तुमने।

 मुझे कोई नहीं दिया है ,

जो प्यार दिया है तुमने । 

है पास कोई न मेरे, 

जिस शब्द से मैं गुण गाऊं।

है कोई ना मेरा सहारा ,

किस विदिस - दिशा में जाऊं।

 मुझे जग की रीत सिखाई ,मुझे धर्म का पाठ पढ़ाया।

 है आपको नमन हमारा, इस लायक मुझे बनाया। 

  2.मैं उठाकर सर चल पाऊ, 

मुझे ऐसा शक्ति दिया है।

 कहीं हाथ ना मैं फैलाऊं,

 मुझे ऐसा भक्ति दिया है।

 कभी आपके आंखों से मैं ,

आंसू बन के न गिरूंगा ।

कभी आपका दिल दुख जाए ,

ऐसा ना कभी करूंगा ।

मां बाप के रूप में मैंने ,भगवान को जैसे पाया ।

है आपको नमन हमारा,इस लायक मुझे बनाया।

   3.सुख मिलता है चरणों में, 

तू है एक सुख का सागर ।

बड़ा प्रेम भरा है तुझ में ,

तू प्रेम का है इक गागर ।

सब गुण गाते हैं तेरा ,

तेरी है अमिट कहानी ।

पीकर हो गए अमर कितने ,

तेरी चरण धुल का पानी।

 अपने शुभ कर्मों से ,

मेरा जीवन राह सजाया।

 है आपको नमन हमारा ,इस लायक मुझे बनाया ।

मैं भाग्यशाली हूं जग में, जो आपको मैंने पाया। 

है आपको नमन हमारा ,इस लायक मुझे बनाया।

                            


            





तू अमोलक था मेरा,तू ही मेरा संसार था।

हर पल संभाला था मुझे,जब भी कभी लाचार था।

जाने कहां तुम चल गए,सूरज के जैसे ढल गए।

यह बात अब हमको ही ना,सारे जहां को खल गए। 

बनता कोई ना अब सहारा,अब ना कोई है हमारा।

सब दिन जो गुजरे साथ तेरे, अब करूं कैसे गुजारा।

सब पड़ गए फीके यहां,ऐसा ही तेरा प्यार था।

हर पल संभाला था मुझे,जब भी कभी लाचार था।


दिल में मेरे इक दीप सा,जलता है मेरे साथ तू।

भटके हुए पथ को दिखा,चलता है मेरे साथ तू।

करता हूं तुम को मैं नमन,चरणों में रख रख के सुमन।

सब मिट गए देखो ये तम, चहका हुआ सारा चमन।

है नमन तुमको, कि तू इक ब्रह्म का अवतार था।

हर पल संभाला था मुझे,जब भी कभी लाचार था।

तू अमोलक था मेरा,तू ही मेरा संसार था।

हर पल संभाला था मुझे,जब भी कभी लाचार था।



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कृष्ण कपूर Kmg

   






KRISHN KAPOOR KMG

I am a writer. My First Book (Kalam A Pari) And second book (Pranay ki yatharthta). Village-Savargah, District-Ambedkar Nagar (Uttar Pradesh).

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